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श्री 1008 चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, आसेगांव

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अतिशय क्षेत्र आसेगांव महाराष्ट्र

नाम एवं पता - श्री 1008 चिंतामणि पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, आसेगांव तालुका - बसमत नगर, जिला - हिंगोली (महाराष्ट्र)

पिन - 431512

टेलीफोन - 09860383466, 09422189193

 

क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ

आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) -2, कमरे (बिना बाथरूम) -7  हाल - 2 (यात्री क्षमता - 75), गेस्ट हाऊस - X

यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 200.

अन्य - 10,000 वर्ग फुट का भव्य प्रांगण, 5000 वर्ग फुट का पार्किंग स्थल

भोजनशाला - सशुल्क, अनुरोध पर

औषधालय - नहीं

पुस्तकालय - नहीं

विद्यालय - नहीं

एस.टी.डी./पी.सी.ओ.- है।

 

आवागमन के साधन

रेल्वे स्टेशन - बसमतनगर - 8 कि.मी., नांदेड - 16 कि.मी.

बस स्टेण्ड - बसमतनगर तथा नांदेड़ से बस अथवा जीप द्वारा

पहुँचने का सरलतम मार्ग - रेल्वे व सड़क मार्ग व्हाया बसमतनगर तथा नांदेड़

निकटतम प्रमुख नगर - बसमतनगर - 8 कि.मी.(पश्चिम दिशा), पूर्व दिशा - नांदेड़ - 16 किमी.

 

प्रबन्ध व्यवस्था

संस्था - श्री 1008 चिंतामणि पार्श्वनाथ दि. जैन अतिशय क्षेत्र आसेगांव

अध्यक्ष - श्री प्रकाशचन्द बोधूलाल सेठी, नांदेड़ (02462 - 239588)

उपाध्यक्ष - श्री प्रतापकुमार शिवलाल शहा, नांदेड़ (02462 - 262149)

प्रबन्धक - श्री कुलभूषण अशोककुमार मिरकुटे, आसेगांव

 

क्षेत्र का महत्व

क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या : 02 + मानस्तम्भ

क्षेत्र पर पहाड़ : नहीं

ऐतिहासिकता : अति प्राचीन अतिशय क्षेत्र है। यहाँ पर भगवान चिंतामणि पार्श्वनाथ की पंचकुमार युक्त अति मनोज्ञ एक हजार साल पुरानी मनोवांछित फलदायीचमत्कारिक मूर्ति विराजमान है। मन्दिर की हेमाडपंथी वास्तु क्षीण होने से मन्दिर, धर्मशाला के जीर्णोद्धार का काम पूर्णतः नया हुआ है और परमपूज्य 108 आचार्य श्री देवनन्दीजी महाराज की ससंघ की उपस्थिति में पंचकल्याणक और वेदी प्रतिष्ठा दिनांक 1 से 8 जून 2003 को हुई आसना नदी के पश्चिम तट पर बसा हुआ यह क्षेत्र, भूमि से 20 फुट ऊँची गढ़ी पर विराजमान है।

विशेष जानकारी : गांव में से मन्दिरजी में पानी मिला दूध कभी नहीं दिया जाता। वार्षिक मेला कार्तिक सुदी पूर्णिमा के अलावा मार्गशीर्ष वदी ग्यारस से तेरस तक श्रीपाश्र्वनाथजन्म जयंती को वार्षिक उत्सव मनाते हैं।

समीपवर्तीतीर्थक्षेत्र - शिरड शहापुर - 35 कि.मी., नवागढ़ - 55 कि.मी., औन्ढा (नागनाथ) - 50 कि.मी. नेमगिरि - 95 कि.मी.। ये सभी अतिशय क्षेत्र है। नेमगिरि जिन्तूर - 95 कि.मी., गुरूद्वारा, नांदेड़ - 16 कि.मी., सिख धर्मशाला, गुरू गोविन्द सिंह की समाधि स्थल एवं स्वर्ण मंदिर नांदेड़।

आपका सहयोग : जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस क्षेत्र के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस क्षेत्र पर गए है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें|

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