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  1. महावीर का जन्म। आज से लगभग 2600 वर्ष पहले लोकवन्द्य महावीर ने विश्व के लिए स्पृहणीय भारतवर्ष के अत्यन्त रमणीक पुण्य-प्रदेश विदेह देश (बिहार प्रान्त) के कुण्डपुर नगर में जन्म लिया था। 'कुण्डपुर' विदेह की राजधानी वैशाली (वर्तमान वसाढ़) के निकट बसा हुआ था और उस समय एक सुन्दर एवं स्वतन्त्र गणसत्तात्मक राज्य के रूप में अवस्थित था। इसके शासक सिद्धार्थ नरेश थे, जो लिच्छवी ज्ञातृवंशी थे और बड़े न्याय-नीति-कुशल एवं प्रजावत्सल थे। इनकी शासन-व्यवस्था अहिंसा और गणतंत्र (प्रजातंत्र) के सिद्धान्तों के आधार पर चलती थी। ये उस समय के नौ लिच्छवि (वज्जि) गणों में एक थे और उनमें इनका अच्छा सम्मान तथा आदर था। सिद्
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  2. (1) Date 06 May 2021 (2) Bade Baba Jaap from 1300PM to 13:30PM (Bharatiya Samayanusaar) (3) NamoKaar Mantra Jaap from 13:30PM to 14:00PM (Bharatiya Samayanusaar) (4) From: Chhatarpur MP Bharat 471 001 (5) Currently at: 'London England UK HA1 1SE'
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  3. वीर प्रभु ने जन्म है पाया, भव्यों का है भाग्य जगाया। । दादा-दादी का नाम बताओ, महावीर सम सब बन जाओ॥
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  4. I will be posting jain bhajans which are made by me.
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  5. ? अमृत माँ जिनवाणी से - ३८ ? "कोरा उपदेश धोबी तुल्य है" अपने स्वरूप को बिना जाने जो जगत को चिल्लाकर उपदेश दिया जाता है, उसके विषय मे आचार्यश्री शान्तिसागरजी महाराज ने बड़े अनुभव की बात कही थी, "जब तुम्हारे पास कुछ नही है, तब जग को तुम क्या दोगे? भव-२ में तुमने धोबी का काम किया। दूसरों के कपड़े धोते रहे और अपने को निर्मल बनाने की और तनिक भी विचार नहीं किया। अरे भाई ! पहले अपनी आत्मा को उपदेश दो, नाना प्रकार की मिथ्या तरंगो को अपने मन से हटाओ, फिर उपदेश दो। केवल जगत को धोते बैठने से शुध्दि नहीं हो
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  6. ? अमृत माँ जिनवाणी से - १ ? "स्थिर मन" एक बार लेखक ने आचार्यश्री शान्तिसागरजी महाराज से पूछा, महाराज आप निरंतर स्वाध्याय आदि कार्य करते रहते है क्या इसका लक्ष्य मन रूपी बन्दर को बाँधकर रखना है जिससे वह चंचलता ना दिखाये।महाराज बोले, "हमारा बन्दर चंचल नहीं है"| लेखक ने कहा, "महाराज मन की स्थिरता कैसे हो सकती है,वह तो चंचलता उत्पन्न करता ही है" महाराज ने कहा, "हमारे पास चंचलता के कारण नहीं रहे है|जिसके पास परिग्रह की उपाधि रहती है उसको चिंता होती है,उसके मन में चंचलता होती है,हमारे मन में चंचलता नहीं है।ह
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