Jump to content
JainSamaj.World

Mona_Jain

Members
  • Content Count

    6
  • Joined

  • Last visited

Community Reputation

1 Neutral

About Mona_Jain

  • Rank
    Newbie

Recent Profile Visitors

The recent visitors block is disabled and is not being shown to other users.

  1. कसाय चार होती हैं। क्रोध मान माया लोभ। चार कषाय के चार चार भेद होते हैं। 1 अनंतानुबंधी क्रोध मान माया लोभ। 2 अप्रत्यख्यान क्रोध मान माया लोभ 3 प्रत्यख्यान क्रोध मान माया लोभ 4 संजुलन क्रोध मान माया लोभ हास्य, रति, अरति, भय जुगुप्सा, शोक स्त्री भेद, नपुंसक भेद, पुरुष भेद। इस प्रकार कषाय के कुल 25 भेद हुए।
  2. Ji पहेलियों का उत्तर ढूंढने के लिए हमें बहुत सारी शास्त्र किताबें से उत्तर ढूंढना पड़ता है और इससे हमारी ज्ञान की प्राप्ति होती है आप पहेलियां दिल्ली भेजा कीजिए। ज्ञान बढ़ता है भैया जी पहेली का उत्तर देने से हमारे ज्ञान की प्राप्ति होती है। रोज एक नया ज्ञान मिलता है। जिनवाणी की आराधना होती है। जय जिनेंद्र भैया जी
×
×
  • Create New...