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JainSamaj.World

About This Club

जैन समाज भीलवाड़ा

Category

Regional Samaj

Jain Type

Digambar
Shwetambar

Country

Bharat (India)

State

Rajasthan
  1. What's new in this club
  2. अतिशय क्षेत्र जहाजपुर राजस्थान नाम एवं पता - श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र (स्वस्ति धाम) सन्मतिनगर, शाहपुरा रोड़, जहाजपुर, जिला-भीलवाड़ा-311201 (राज.) टेलीफोन - 09782063107,09413403912, 09829830202 क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ आवास - कमरे (अटैच बाथरूम)-5, aकमरे (बिना बाथरूम) - 10, हाल - 4(यात्री क्षमता -300), भोजनशाला - है औषधालय - X पुस्तकालय - X विद्यालय - X एस.टी.डी./पी.सी.ओ. - X आवागमन के साधन रेल्वे स्टेशन - भीलवाड़ा-90 कि.मी., कोटा-100 कि.मी., जयपुर-180 कि.मी. बस स्टेण्ड - 3 कि.मी. पहुँचने का सरलतम मार्ग - सड़क व्हाया देवली और शाहपुरा निकटतम प्रमुख नगर - भीलवाड़ा-90 कि.मी., कोटा -100 कि.मी. प्रबन्धव्यवस्था संस्था - श्री 1008 मुनिसुव्रतनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र (स्वस्तिधाम) समिति अध्यक्ष - श्री जौहरीलालजी जैन, हरिद्वार मंत्री - श्री धनराजजी जैन, जहाजपुर (09413403912) कार्याध्यक्ष - श्री महावीरजी पौद्दार, जहाजपुर (09352503172) क्षेत्र का महत्व क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या : निर्माण कार्य प्रगति पर है। ऐतिहासिकता : भगवान मुनिसुव्रतनाथ की प्रतिमा एवं अनेकों प्रतिमाओं का जमीन से निकलना इसी बात का संकेत है कि यहाँ प्राचीन समय में जैन संस्कृति का खजाना था। दिनांक 23.04.2013 को महावीर जयंती के दिन प्रतिमा निकली। भूगर्भ से प्राप्त भगवान मुनिसुव्रतनाथ की मनोहर मुद्रा देख कर लोग पलक झपकना भूल जाते है और भूगर्भ से निकलने के पश्चात अनेक अतिशय हुए उनमें कुछ प्रमुख अतिशय - (1) चार रंग परिवर्तन-नीला, हरा, स्लेटी, काला (2) नाभि में से ज्योति निकलना एवं नाभि स्पंदन (3) 26 जुलाई 2013 शनि अमावस को डेढ़ घंटे तक अभिषेक दायी आँख से रोशनी का निकलना 5 मिनिट तक इन अतिशय के साक्षी हजारों-लाखों लोग हैं। समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - बिजौलिया-65 कि.मी., चंवलेश्वर-35 कि.मी., पदमपुरा-160 कि.मी. महावीरजी-250 कि.मी., केशव राय पाटन-90 कि.मी. आपका सहयोग : जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस क्षेत्र के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस क्षेत्र पर गए है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें|
  3. अतिशय क्षेत्र चंवलेश्वर पार्श्वनाथ राजस्थान नाम एवं पता - श्री चंवलेश्वर पार्श्वनाथ दि. जैन अतिशय क्षेत्र, चंवलेश्वर पार्श्वनाथ, ग्राम-चैनपुरा, तह.-माण्डलगढ़ व्हाया काछोला, जिला-भीलवाड़ा (राज.) पिन-311605 टेलीफोन - 01489 - 290904, 09828685505 क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ आवास - कमरे (अटैच बाथरूम)- X, कमरे (बिना बाथरूम)-40, हाल - 1 (यात्री क्षमता - 125), गेस्ट हाऊस - X यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 300(100 बिस्तर हैं) भोजनशाला - सशुल्क, अनुरोध पर औषधालय - प्राथमिक उपचार पुस्तकालय - X विद्यालय - X एस.टी.डी./पी.सी.ओ.- संस्था का फोन आवागमन के साधन रेल्वे स्टेशन मांडलगढ़ - 41 कि.मी., भीलवाड़ा - 55 कि.मी. बस स्टेण्ड - काछोला - 10 कि.मी., खजूरी - 20 कि.मी. पहुँचने का सरलतम मार्ग - मांडलगढ़ से काछोला - राजगढ़ होते हुए भीलवाड़ा से कोटडी होते हुए। जयपुर से देवली, जहाजपुर, खजुरी होते हुए निकटतम प्रमुख नगर - मांडलगढ़ - 41 कि.मी., भीलवाड़ा - 55 कि.मी., देवली - 60 कि.मी., जहाजपुर - 36 कि.मी. । प्रबन्ध व्यवस्था संस्था - श्री चंवलेश्वर पार्श्वनाथ दि. जैन अतिशय क्षेत्र कमेटी, बांगुदार अध्यक्ष - श्री सुगनचन्द जैन, मांडलगढ़ (01489-230032, 230052) महामंत्री - श्री घीसालाल गोधा, बांगुदार (01485 - 237067) मंत्री - श्री अमोलकचन्द जैन (०1489 - 230131, 230462) प्रबन्धक - श्री मांगीलाल कटारिया क्षेत्र का महत्व क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या : 05 क्षेत्र पर पहाड़ : है। 110 सीढ़ियाँ है। वाहन जाते है। ऐतिहासिकता : भगवान पार्श्वनाथ के केवलज्ञान प्राप्ति के पश्चात् प्रथम समवशरण विहार स्थली मूलनायक प्रतिमा भगवान पार्श्वनाथ की भूगर्भ से प्राप्त हुई है। विशेष जानकारी : बनास नदी के तट पर पहाड़ी के उत्तुंग शिखर पर क्षेत्र स्थित है। तिजारा नामक जल कुण्ड है पूरे क्षेत्र में जल की पूर्ति इसी कुण्ड से होती है। समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - श्री बिजौलियां पार्श्वनाथ - 60 कि.मी., पंडित आशाधरजी का जन्म स्थान मांडलगढ़ किला - 41 कि.मी. आपका सहयोग : जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस क्षेत्र के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस क्षेत्र पर गए है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें|
  4. अतिशय क्षेत्र बिजौलियां पार्श्वनाथ राजस्थान नाम एवं पता - श्री दिगम्बर जैन पार्श्वनाथ अतिशय तीर्थ क्षेत्र, बिजौलियां, जिला - भीलवाड़ा (राजस्थान) पिन - 311602 टेलीफोन - 01489 - 292101, 236634, 236008, 09414148290 क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 26 कमरे (बिना बाथरूम) - 20 हाल - 3, गेस्ट हाऊस - X यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 1000. संतशाला 50 साधु सन्तों के ठहरने की व्यवस्था है। भोजनशाला - नियमित, सशुल्क औषधालय - प्रस्तावित पुस्तकालय - नहीं विद्यालय - निर्माणाधीन एस.टी.डी./पी.सी.ओ.- है। आवागमन के साधन रेल्वे स्टेशन - उपरमाल स्टेशन - 12 कि.मी., कोटा जंक्शन - 90 कि.मी. बस स्टेण्ड - बिजौलियां पहुँचने का सरलतम मार्ग - राष्ट्रीय राजमार्ग क्र.76, कोटा से व्हाया - डाबी बिजौलियां - 61 कि. मी. कोटा से बिजौलियां व्हाया बून्दी - 85 कि.मी., भीलवाड़ा से व्हाया मांडलगढ़-88 कि.मी. निकटतम प्रमुख नगर - भीलवाड़ा - 85 कि.मी., कोटा - 85 कि.मी., बून्दी - 50 कि.मी. प्रबन्ध व्यवस्था संस्था - श्री दिगम्बर जैन पार्श्वनाथ अतिशय तीर्थ क्षेत्र कमेटी, बिजौलियां अध्यक्ष - श्री घनश्याम लुहाड़िया, चित्तौड़गढ़ (01472 - 240199) मंत्री - श्री नरेन्द्र जैन, पत्रकार, बिजौलियां (094141-48290) प्रबन्धक - श्री लाभचन्द पटवारी (कार्याध्यक्ष), बिजौलियां (01489-236634) क्षेत्र का महत्व क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या : 11 क्षेत्र पर पहाड़ : नहीं ऐतिहासिकता : यह क्षेत्र विंध्यावली पर्वत श्रृंखला में रेवा नदी के तट पर स्थित है। यहाँ वि.सं. 1226 के विश्व के सबसे बड़े शिलालेख स्थित है। उपलब्ध हैं, जिनके अनुसार भगवान पार्श्वनाथ को कमठ द्वारा उपसर्ग उपरान्त यहीं पर केवलज्ञान की प्राप्ति हुई। यह दर्शनीय स्थल है। यहाँ पर एक चौबीसी, समवशरण रचना व 2 मानस्तम्भ हैं। यहाँ गणधर परमेष्ठी का मन्दिर है तथा विश्व के विशालतम शिलालेख यहाँ उपलब्ध हैं। वार्षिक मेला : चैत्र सुदी चतुर्थी समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - चंवलेश्वर पार्श्वनाथ - 67 कि.मी., केशोरायपाटन - 90 कि.मी., चाँदखेड़ी - 225 कि.मी., चित्तौड़गढ़ - 106 कि.मी., कोटा - 65 कि.मी. आपका सहयोग : जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस क्षेत्र के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस क्षेत्र पर गए है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें|
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