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JainSamaj.World

About This Club

जैन समाज इलाहाबाद

Category

Regional Samaj

Jain Type

Digambar
Shwetambar

Country

Bharat (India)

State

Uttar Pradesh
  1. What's new in this club
  2. कल्याणक क्षेत्र प्रयाग-ऋषभदेव तपस्थली नाम एवं पता - तीर्थंकर ऋषभदेव दीक्षा तीर्थ, प्रयाग (तपस्थली), इलाहाबाद-बनारस हाईवे, निकट अंदावा मोड, पो. इलाहाबाद (उत्तरप्रदेश) -- पिन-211003 टेलीफोन - 094527 08616 क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 38, कमरे (बिना बाथरूम) -x, हाल - 1 (यात्री क्षमता - 100), गेस्ट हाऊस - X यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 300. भोजनशाला - सशुल्क, नियमित एस.टी.डी./पी.सी.ओ.- है। आवागमन के साधन रेल्वे स्टेशन - इलाहाबाद - 13 कि.मी. बस स्टेण्ड - इलाहाबाद - 10 कि.मी. पहुँचने का सरलतम मार्ग - इलाहाबाद रेल्वे स्टेशन उतर कर रामबाग (इलाहाबाद)बस स्टेण्ड से सीधे मंदिर तक साधन उपलब्ध।ऑटो से भी जाया जा सकता है। निकटतम प्रमुख नगर - इलाहाबाद - 13 कि.मी., बनारस - 110 कि.मी. प्रबन्ध व्यवस्था संस्था - तीर्थंकर ऋषभदेव तपस्थली प्रयाग प्रबंध कमेटी, इलाहाबाद अन्तर्गत - दि. जैन त्रिलोक शोध संस्थान, जम्बूद्वीप हस्तिनापुर (मेरठ) अध्यक्ष - स्वस्तिश्री रवीन्द्रकीर्ति स्वामीजी, हस्तिनापुर (094127 08203) मंत्री - श्री अजित प्रसाद जैन, इलाहाबाद (094153 67215) प्रबन्धक - श्री बद्रीप्रसाद जैन (094527 08616) क्षेत्र का महत्व क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या - 3 + 1 कीर्तिस्तंभ क्षेत्र पर पहाड़ - कृत्रिम पहाड़ है, 127 सीढ़ियाँ है। ऐतिहासिकता - तीर्थंकर ऋषभदेव ने जिस सिद्धार्थ नामक वन में जाकर वटवृक्ष के नीचे जैनेश्वरी दीक्षा एवं केवलज्ञान प्राप्त किया था वही स्थान करोड़ों वर्षों पूर्व से प्रयाग केनाम से प्रसिद्धिको प्राप्त हुआ, ऐसा जैन ग्रन्थों में वर्णन है। हरिवंशपुराण में कहा है। -‘एवमुक्ता प्रजायत्र, प्रजापतिमपूजयत्, प्रदेशः सप्रयागारण्यो, यतः पूजार्थयोगतः',पद्मपुराण में-'प्रकृष्टोवाकृतस्त्याग: प्रयागस्तेन कीर्तितः' वर्णित है । पूज्य गणिनीप्रमुख आर्यिका श्री ज्ञानमती माताजी की प्रेरणा से फरवरी 2001 में उक्त ऋषभदेव दीक्षा तीर्थका अभूतपूर्व निर्माण हुआ है।दीक्षा तपोवन, समवसरण रचना, कैलाश पर्वत, गुफा मन्दिर, कीर्तिस्तम्भ इत्यादिवंदनीयस्थल हैं। 14 फुट ऊँची पद्मासन की विशाल प्रतिमा त्रिकाल चौबीसी की 72 जिनालयों में जिन प्रतिमाएं विराजमान है। समवसरण मंदिर भी दर्शनीय है, तथा पवित्ररचना का मॉडल स्थापित है। वार्षिक मेले - ऋषभदेव दीक्षा कल्याणक - चैत्रवदी 9 से 11 तक वार्षिक महोत्सव, माध कृ. 14 - ऋषभदेव निर्वाण कल्याणक माधशु. 13तीर्थक्षेत्र प्रतिष्ठापना दिवस।। समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र कौशाम्बी - 80 कि.मी., प्रभाषगिरि - 80 कि.मी., काकंदी -300 कि.मी., अयोध्या-170 कि.मी. वाराणसी - 110 कि.मी. आपका सहयोग : जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस क्षेत्र के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस क्षेत्र पर गए है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें| 
  3. कल्याणक क्षेत्र प्रयाग नाम एवं पता - श्री भगवान ऋषभदेव ज्ञानस्थली तीर्थ, प्रयाग 56/62, चाहचन्द, जीरो रोड़, इलाहाबाद (उ.प्र.) पिन - 211 003 टेलीफोन - 0532 - 2400263, 098386 05850 क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 20, कमरे (बिना बाथरूम) - 26, हाल - 3 (यात्री क्षमता - 300) यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 500 भोजनशाला - है, नियमित - सशुल्क औषधालय - है (होम्योपेथिक) पुस्तकालय - है। विद्यालय - है। एस.टी.डी./ पी.सी.ओ.- है। आवागमन के साधन रेल्वे स्टेशन - इलाहाबाद जंक्शन-3 कि.मी. बस स्टेण्ड - इलाहाबाद - जीरोरोड़ - 500 मीटर की दूरी पर पहुँचने का सरलतम मार्ग - दिल्ली, हावड़ा, मुम्बई, चेन्नई से सीधी रेल सेवा उपलब्ध है। निकटतम प्रमुख नगर - इलाहाबाद प्रबन्ध व्यवस्था संस्था - श्री दि. जैन पंचायती सभा, प्रयाग - इलाहाबाद अध्यक्ष - श्री पन्नालाल जैन (092360 11514) मंत्री - श्री अनूपचन्द जैन (0532 - 2423839, 094501 15615) कोषाध्यक्ष/प्रबंधक - श्री राजेश जैन (094152-47576) क्षेत्र का महत्व क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या - 04 क्षेत्र पर पहाड़ - नहीं ऐतिहासिकता - श्री पंचायती बड़े मंदिर जी में एवं छोटे मंदिर जी में अंग्रेजों के शासन काल में किले के अन्दर स्थित अक्षयवट के पास से प्राप्त लगभग 30 प्राचीन जिन प्रतिमाएं मध्य कालीन नोंवी- दशमी शताब्दी की विराजमान हैं। एक अत्यन्त प्राचीन मनोज्ञ जिन बिम्ब खड़गासन लगभग तीन फुट अवगाहना की सन् 2002 में नगर के चौक एरिया से भूगर्भ से प्राप्त हुई है। चार बड़े मन्दिर एवं चार छोटे मन्दिर लगभग 150 से 400 वर्ष पुराने हैं। केवल ज्ञान की प्राप्ति भी यहीं हुई है। दो कल्याणक तीर्थ होने का सौभाग्य प्रयाग को प्राप्त हुआ है। युग के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव की प्रथम देशना यहाँ होने से आदि तीर्थ है। विशेष जानकारी - यह गंगा-यमुना-सरस्वती के संगम पर बसा नगर है। एवं हिन्दुओं का तीर्थराज है। यह शिक्षा, संस्कृति का प्रमुख केन्द्र है। आनन्द भवन, संग्रहालय, संगम एवं उच्च न्यायालय दर्शनीय है। समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र तीर्थंकर ऋषभदेव तपस्थली - 13 कि.मी., भगवान पद्मप्रभु के चार कल्याणक वाला क्षेत्र प्रभासगिरि (कौशाम्बी) -65 कि.मी. पत्राचार डॉ. प्रेमचन्द जैन, 37 चाहचन्द, जीरो रोड़, इलाहाबाद - 211003 फोन: 0532-2400045, 08756378251 आपका सहयोग : जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस क्षेत्र के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस क्षेत्र पर गए है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें| 
  4. श्री दिगम्बर जैन मन्दिर एवं धर्मशाला 62, चाहचन्द (जीरो रोड़), इलाहाबाद-211003 उ.प्र. फोन नंबर - 0532-2400263 (50 कमरे) आपका सहयोग : जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस धर्मशाला के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस धर्मशाला में रुके है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें|
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