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ज्ञान वहीं श्रेष्ठ हैं जो वैराग्य से समन्वित हो - मुनि श्री क्षमासागरजी Knowledge which is integrated with Reclusion is best.

Sachin2.Jain

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विषय कषायों का पोषण करने वाला ज्ञान कभी हमारे जीवन का उत्थान करने वाला नहीं हो सकता। पाठशाला के माध्यम से हम उस ज्ञान को प्राप्त कर सकते हैं जो वैराग्य से समन्वित हो और हमें संयमित जीवन जीने की ओर अग्रसित होने की प्रेरणा दे।



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