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सुधीर कासलीवाल

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  1. ..........🙏 जय जिनेन्द्र 🙏🙏 नमस्ते 🙏........ * शास्त्रों में लिखा है हमे रोज़ एक नियम/त्याग लेना ही चाहिये । * सभी धर्मो में त्याग /नियम को बहुत महत्व दिया गया है । * त्याग / नियम कितना भी छोटा क्यों न हो (सिर्फ 10 मिनिट का भी) बहुत अशुभ कर्म नष्ट होते हैं। * रोज़ कुछ त्याग करने से असंख्यात बुरे कर्मो की निर्ज़रा (क्षय होना) होती है * नरक गति का बंध अगर हमारा हो चुका है तो हम किसी भी तरह के नियम जीवन में नहीं ले पाते हैं । दिनांक - 7 - 4 - 2020 ------------------------------ "" आप चाहे तो सिर्फ आज के लिये ये नियम / त्याग भी ले सकते हैं या और कोई भी नियम अपने अनुसार ले सकते हैं 🙏 आज चेत्र शुक्ल पक्ष की * चतुर्दशी * है । * आज चतुर्दशी पर्व है ।आज शाम 7 बजे बाद अन्न खाने का त्याग और आज प्याज़ खाने का भी त्याग *🙏 🔻विनम्र आग्रह🔻 🐄🐈 एक रोटी या कुछ भी जीव दया के लिए हम भी देवे और अपने सभी जानकारों को भी रोज़ ऐसा करने के लिए प्रेरित करें 🙏🙏 🙏🙏 निवेदन :-(शहर में विराजित साधू संतो के दर्शन की भावना रखे ) आज - 7 - 4 - 2020 एक दिन का संकल्प करना चाहते हैं तो प्रति उत्तर में नियम / त्याग लिखकर के वापिस ग्रुप में पोस्ट भी कर सकते हैं
  2. ..........🙏 जय जिनेन्द्र 🙏🙏 नमस्ते 🙏........ * शास्त्रों में लिखा है हमे रोज़ एक नियम/त्याग लेना ही चाहिये । * सभी धर्मो में त्याग /नियम को बहुत महत्व दिया गया है । * त्याग / नियम कितना भी छोटा क्यों न हो (सिर्फ 10 मिनिट का भी) बहुत अशुभ कर्म नष्ट होते हैं। * रोज़ कुछ त्याग करने से असंख्यात बुरे कर्मो की निर्ज़रा (क्षय होना) होती है * नरक गति का बंध अगर हमारा हो चुका है तो हम किसी भी तरह के नियम जीवन में नहीं ले पाते हैं । दिनांक - 6 - 4 - 2020 ------------------------------ "" आप चाहे तो सिर्फ आज के लिये ये नियम / त्याग भी ले सकते हैं या और कोई भी नियम अपने अनुसार ले सकते हैं 🙏 आज चेत्र शुक्ल पक्ष की * तेरस * है । * आज महावीर जयंती है । ओम् ह्रीम श्री महावीर जिनेंद्राय नमः का 10 मिनट जाप या महावीर चालीसा या महावीर भगवान की आरती बोलने या सुनने का नियम *🙏 🔻विनम्र आग्रह🔻 🐄🐈 एक रोटी या कुछ भी जीव दया के लिए हम भी देवे और अपने सभी जानकारों को भी रोज़ ऐसा करने के लिए प्रेरित करें 🙏🙏 🙏🙏 निवेदन :-(शहर में विराजित साधू संतो के दर्शन की भावना रखे ) आज - 6 - 4 - 2020 एक दिन का संकल्प करना चाहते हैं तो प्रति उत्तर में नियम / त्याग लिखकर के वापिस ग्रुप में पोस्ट भी कर सकते हैं
  3. ..........🙏 जय जिनेन्द्र 🙏🙏 नमस्ते 🙏........ * शास्त्रों में लिखा है हमे रोज़ एक नियम/त्याग लेना ही चाहिये । * सभी धर्मो में त्याग /नियम को बहुत महत्व दिया गया है । * त्याग / नियम कितना भी छोटा क्यों न हो (सिर्फ 10 मिनिट का भी) बहुत अशुभ कर्म नष्ट होते हैं। * रोज़ कुछ त्याग करने से असंख्यात बुरे कर्मो की निर्ज़रा (क्षय होना) होती है * नरक गति का बंध अगर हमारा हो चुका है तो हम किसी भी तरह के नियम जीवन में नहीं ले पाते हैं । दिनांक - 5 - 4 - 2020 ------------------------------ "" आप चाहे तो सिर्फ आज के लिये ये नियम / त्याग भी ले सकते हैं या और कोई भी नियम अपने अनुसार ले सकते हैं 🙏 आज चेत्र शुक्ल पक्ष की * द्वादशी * है । * आज भक्तामर जी के कम से कम 4 श्लोक बिलकुल शुद्ध बोलने का नियम (किन्ही भी महाराज जी या पूर्ण मती माताजी का सुनकर शुद्ध सुन सकते हैं ) *🙏 🔻विनम्र आग्रह🔻 🐄🐈 एक रोटी या कुछ भी जीव दया के लिए हम भी देवे और अपने सभी जानकारों को भी रोज़ ऐसा करने के लिए प्रेरित करें 🙏🙏 🙏🙏 निवेदन :-(शहर में विराजित साधू संतो के दर्शन की भावना रखे ) आज - 5 - 4 - 2020 एक दिन का संकल्प करना चाहते हैं तो प्रति उत्तर में नियम / त्याग लिखकर के वापिस ग्रुप में पोस्ट भी कर सकते हैं
  4. ..........🙏 जय जिनेन्द्र 🙏🙏 नमस्ते 🙏........ * शास्त्रों में लिखा है हमे रोज़ एक नियम/त्याग लेना ही चाहिये । * सभी धर्मो में त्याग /नियम को बहुत महत्व दिया गया है । * त्याग / नियम कितना भी छोटा क्यों न हो (सिर्फ 10 मिनिट का भी) बहुत अशुभ कर्म नष्ट होते हैं। * रोज़ कुछ त्याग करने से असंख्यात बुरे कर्मो की निर्ज़रा (क्षय होना) होती है * नरक गति का बंध अगर हमारा हो चुका है तो हम किसी भी तरह के नियम जीवन में नहीं ले पाते हैं । दिनांक - 4 - 4 - 2020 ------------------------------ "" आप चाहे तो सिर्फ आज के लिये ये नियम / त्याग भी ले सकते हैं या और कोई भी नियम अपने अनुसार ले सकते हैं 🙏 आज चेत्र शुक्ल पक्ष की * एकादशी * है । * आज ओम् ह्री अर्हम अ सि आ उ सा नमः । इस मंत्र जी की एक माला फेरने का नियम *🙏 🔻विनम्र आग्रह🔻 🐄🐈 एक रोटी या कुछ भी जीव दया के लिए हम भी देवे और अपने सभी जानकारों को भी रोज़ ऐसा करने के लिए प्रेरित करें 🙏🙏 🙏🙏 निवेदन :-(शहर में विराजित साधू संतो के दर्शन की भावना रखे ) आज - 4 - 4 - 2020 एक दिन का संकल्प करना चाहते हैं तो प्रति उत्तर में नियम / त्याग लिखकर के वापिस ग्रुप में पोस्ट भी कर सकते हैं
  5. ज्ञानं यथा त्वयि विभाति कृतावकाशं, नैवं तथा हरि -हरादिषु नायकेषु। तेजो स्फ़ुरन् मणिषु याति यथा महत्त्वं, नैवं तु काच -शकले किरणाकुलेऽपि॥ 20॥
  6. किं शर्वरीषु शशिनाह्नि विवस्वता वा, युष्मन्मुखेन्दु- दलितेषु तम:सु नाथ! निष्पन्न-शालि-वन-शालिनी जीव-लोके, कार्यं कियज्जल-धरै-र्जल-भार-नमै्र:॥ 19॥
  7. नित्योदयं दलित-मोह-महान्धकारं, गम्यं न राहु-वदनस्य न वारिदानाम्। विभ्राजते तव मुखाब्ज-मनल्पकान्ति, विद्योतयज्-जगदपूर्व-शशाङ्क-बिम्बम्॥ 18॥
  8. नास्तं कदाचिदुपयासि न राहुगम्य:, स्पष्टीकरोषि सहसा युगपज्- जगन्ति। नाम्भोधरोदर-निरुद्ध-महा- प्रभाव:, सूर्यातिशायि-महिमासि मुनीन्द्र! लोके॥ 17॥
  9. ..........🙏 जय जिनेन्द्र 🙏🙏 नमस्ते 🙏........ * शास्त्रों में लिखा है हमे रोज़ एक नियम/त्याग लेना ही चाहिये । * सभी धर्मो में त्याग /नियम को बहुत महत्व दिया गया है । * त्याग / नियम कितना भी छोटा क्यों न हो (सिर्फ 10 मिनिट का भी) बहुत अशुभ कर्म नष्ट होते हैं। * रोज़ कुछ त्याग करने से असंख्यात बुरे कर्मो की निर्ज़रा (क्षय होना) होती है * नरक गति का बंध अगर हमारा हो चुका है तो हम किसी भी तरह के नियम जीवन में नहीं ले पाते हैं । दिनांक - 3 - 4 - 2020 ------------------------------ "" आप चाहे तो सिर्फ आज के लिये ये नियम / त्याग भी ले सकते हैं या और कोई भी नियम अपने अनुसार ले सकते हैं 🙏 आज चेत्र शुक्ल पक्ष की * दशमी * है । * आज थाली में झूठ नही छोड़ना है *🙏 🔻विनम्र आग्रह🔻 🐄🐈 एक रोटी या कुछ भी जीव दया के लिए हम भी देवे और अपने सभी जानकारों को भी रोज़ ऐसा करने के लिए प्रेरित करें 🙏🙏 🙏🙏 निवेदन :-(शहर में विराजित साधू संतो के दर्शन की भावना रखे ) आज - 3 - 4 - 2020 एक दिन का संकल्प करना चाहते हैं तो प्रति उत्तर में नियम / त्याग लिखकर के वापिस ग्रुप में पोस्ट भी कर सकते हैं
  10. ..........🙏 जय जिनेन्द्र 🙏🙏 नमस्ते 🙏........ * शास्त्रों में लिखा है हमे रोज़ एक नियम/त्याग लेना ही चाहिये । * सभी धर्मो में त्याग /नियम को बहुत महत्व दिया गया है । * त्याग / नियम कितना भी छोटा क्यों न हो (सिर्फ 10 मिनिट का भी) बहुत अशुभ कर्म नष्ट होते हैं। * रोज़ कुछ त्याग करने से असंख्यात बुरे कर्मो की निर्ज़रा (क्षय होना) होती है * नरक गति का बंध अगर हमारा हो चुका है तो हम किसी भी तरह के नियम जीवन में नहीं ले पाते हैं । दिनांक - 2 - 4 - 2020 ------------------------------ "" आप चाहे तो सिर्फ आज के लिये ये नियम / त्याग भी ले सकते हैं या और कोई भी नियम अपने अनुसार ले सकते हैं 🙏 आज चेत्र शुक्ल पक्ष की * नवमी * है । * आज पानी पीने के पहले जब भी ध्यान आ जाए उस समय पानी को छान कर पानी पीने का नियम ((अभी लगभग सभी लोग घर पर ही रह रहे है बस ज़रूरत है थोड़ा ध्यान रखने की ) *🙏 🔻विनम्र आग्रह🔻 🐄🐈 एक रोटी या कुछ भी जीव दया के लिए हम भी देवे और अपने सभी जानकारों को भी रोज़ ऐसा करने के लिए प्रेरित करें 🙏🙏 🙏🙏 निवेदन :-(शहर में विराजित साधू संतो के दर्शन की भावना रखे ) आज - 2 - 4 - 2020 एक दिन का संकल्प करना चाहते हैं तो प्रति उत्तर में नियम / त्याग लिखकर के वापिस ग्रुप में पोस्ट भी कर सकते हैं
  11. * शास्त्रों में लिखा है हमे रोज़ एक नियम/त्याग लेना ही चाहिये । * सभी धर्मो में त्याग /नियम को बहुत महत्व दिया गया है । * त्याग / नियम कितना भी छोटा क्यों न हो (सिर्फ 10 मिनिट का भी) बहुत अशुभ कर्म नष्ट होते हैं। * रोज़ कुछ त्याग करने से असंख्यात बुरे कर्मो की निर्ज़रा (क्षय होना) होती है * नरक गति का बंध अगर हमारा हो चुका है तो हम किसी भी तरह के नियम जीवन में नहीं ले पाते हैं । दिनांक - 1 - 4 - 2020 ------------------------------ "" आप चाहे तो सिर्फ आज के लिये ये नियम / त्याग भी ले सकते हैं या और कोई भी नियम अपने अनुसार ले सकते हैं 🙏 आज चेत्र शुक्ल पक्ष की * अष्टमी * है । * आज अष्टमी पर्व है रात्रि में अन्न खाने का पूर्णतया त्याग ( कोरोना के चलते हम घरों पर ही रहते है इस नियम को पालना ही है । सुधा सागर महाराज जी ने तो 14 अप्रैल तक स्पष्ट रात्रि भोजन का निषेध किया है ) *🙏 🔻विनम्र आग्रह🔻 🐄🐈 एक रोटी या कुछ भी जीव दया के लिए हम भी देवे और अपने सभी जानकारों को भी रोज़ ऐसा करने के लिए प्रेरित करें 🙏🙏 🙏🙏 निवेदन :-(शहर में विराजित साधू संतो के दर्शन की भावना रखे ) आज - 1 - 4 - 2020 एक दिन का संकल्प करना चाहते हैं तो प्रति उत्तर में नियम / त्याग लिखकर के वापिस ग्रुप में पोस्ट भी कर सकते हैं
  12. निर्धूम-वर्ति-रपवर्जित-तैल-पूर:, कृत्स्नं जगत्त्रय-मिदं प्रकटीकरोषि। गम्यो न जातु मरुतां चलिताचलानां, दीपोऽपरस्त्वमसि नाथ ! जगत्प्रकाश:॥ 16॥
  13. चित्रं-किमत्र यदि ते त्रिदशाङ्ग-नाभिर्- नीतं मनागपि मनो न विकार-मार्गम् । कल्पान्त-काल-मरुता चलिताचलेन, किं मन्दराद्रिशिखरं चलितं कदाचित्॥ 15॥
  14. सम्पूर्ण- मण्डल-शशाङ्क-कला-कलाप- शुभ्रा गुणास्-त्रि-भुवनं तव लङ्घयन्ति। ये संश्रितास्-त्रि-जगदीश्वरनाथ-मेकं, कस्तान् निवारयति सञ्चरतो यथेष्टम्॥ 14॥
  15. वक्त्रं क्व ते सुर-नरोरग-नेत्र-हारि, नि:शेष- निर्जित-जगत्त्रितयोपमानम् । बिम्बं कलङ्क-मलिनं क्व निशाकरस्य, यद्वासरे भवति पाण्डुपलाश-कल्पम्॥13॥
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