Jump to content
फॉलो करें Whatsapp चैनल : बैल आईकॉन भी दबाएँ ×
JainSamaj.World

चेतन अपनो रूप निहारो


admin

चेतन अपनो रूप निहारो, नहीं गोरो नहीं कारो

दर्शन ज्ञान मयी तिन मूरत, सकल कर्म ते न्यारो ॥

 

जाकी बिन पहचान किये ते, सहो महा दुख भारो,

जाके लखे उदय हुए तत्क्षण, केवलज्ञान उजारो ॥

 

कर्म जनित पर्याय पाय ना, कीनो आप पसारो,

आपा पर स्वरूप ना पिछान्यो, तातें सहो रुझारो ॥

 

अब निज में निज जान नियत कहां सो सब ही उरझारो,

जगत राम सब विधि सुखसागर, पदी पाओ अविकारो ॥

 



×
×
  • Create New...