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आज की पह्रेली     लॉकर खोले     एक ताले की दो चाबी


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   📕  लॉकर खोले 📕
    एक ताले की दो चाबी

       आज आपको तीसरे प्रश्न का उत्तर देने के लिए पहले दो प्रश्नों का जवाब देना होगा

🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕
       
उदाहरण-
दिशा को कहते है--दिक
वस्त्र का पर्यायवाची--अम्बर
हम जिस पंथ के अनुयायी है वह है --दिगम्बर


1️⃣ किसी बात की अधिकता को कहते है------
कषाय होती है------
व्रत में दोष लगना कहलाता है------
🅰️ 

2️⃣ शरीर का पर्यावाची---
त्याग करना को कहते है----
पूजन,पाठ के अंत मे करते है----
🅰️

3️⃣ मल रहित अर्थात----
आवागमन के साधन को कहते है-----
एक कुलकर का नाम-----
🅰️

4️⃣ हार का विलोम---
मित्र का विलोम-----
एक रूद्र का नाम-----
🅰️ 

5️⃣ बैल का पर्यायवाची----
सखा का पर्यायवाची-----
एक बलदेव का नाम------
🅰️

6️⃣ नारी का विलोम----
मुँह का तत्सम रूप-----
एक नारद का नाम------
🅰️ 

7️⃣ एक द्वीप का नाम---
प्रभु का पर्यायवाची----
एक कामदेव का नाम----
🅰️

8️⃣ नर का पर्यायवाची----
श्रेष्ठ का अर्थ है-----
एक नारायण का नाम-----
🅰️ 

9️⃣ उपवन में खिलते है----
दाँत का तत्सम रूप----
एक आचार्य का नाम-----
🅰️

1️⃣0️⃣ कठोर,सख्त अर्थात----
सजा को कहते है----
एक तीर्थंकर का चिन्ह---
🅰️

1️⃣1️⃣ ऊर्जा का एक स्त्रोत्र---
राज दरबार मे शीर्ष सिहासन पर विराजित होता है-----
एक तीर्थंकर के पिता-----
🅰️ 

1️⃣2️⃣ मूर्ति या प्रतिमा को कहते है----
भवन का पर्यायवाची----
मन्दिरजी जिसका शिखर नही होता है वह कहलाता है------
🅰️ 

सभी प्रयास करे।

पुरुषार्थ से ही पुण्य बढेगा

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏

 

सभी की उत्तर कुछ समय के लिए छुपे रहेंगे 

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 वेबसाइट संचलान हेतू सहयोग दे सकते हैं 

1️⃣ किसी बात की अधिकता को कहते है-- अति

कषाय होती है-- चार

व्रत में दोष लगना कहलाता है------ अतिचार

🅰️ अति + चार -- अतिचार 

 

2️⃣ शरीर का पर्यावाची--- काया

त्याग करना को कहते है---- उत्सर्ग

पूजन,पाठ के अंत मे करते है---- कायोत्सर्ग

🅰️ काया + उत्सर्ग -- कायोत्सर्ग

 

3️⃣ मल रहित अर्थात---- विमल

आवागमन के साधन को कहते है----- वाहन

एक कुलकर का नाम----- विमलवाहन

🅰️ विमल + वाहन -- विमलवाहन

 

4️⃣ हार का विलोम--- जीत

मित्र का विलोम----- शत्रु

एक रूद्र का नाम----- जितशत्रु

🅰️ जित + शत्रु -- जितशत्रु

 

5️⃣ बैल का पर्यायवाची---- नंदि

सखा का पर्यायवाची----- मित्र

एक बलदेव का नाम------ नंदिमित्र

🅰️ नंदि + मित्र -- नंदिमित्र

 

6️⃣ नारी का विलोम---- नर 

मुँह का तत्सम रूप----- मुख

एक नारद का नाम------ नरमुख

🅰️  नर + मुख -- नरमुख

 

7️⃣ एक द्वीप का नाम--- जम्बू

प्रभु का पर्यायवाची---- स्वामी

एक कामदेव का नाम---- जम्बूस्वामी

🅰️ जम्बू + स्वामी-- जम्बूस्वामी

 

8️⃣ नर का पर्यायवाची---- पुरुष

श्रेष्ठ का अर्थ है----- उत्तम

एक नारायण का नाम----- पुरूषोत्तम

🅰️  पुरूष + उत्तम -- पुरूषोत्तम

 

9️⃣ उपवन में खिलते है---- पुष्प

दाँत का तत्सम रूप---- दंत

एक आचार्य का नाम----- पुष्पदंत

🅰️ पुष्प + दंत -- पुष्पदंत

 

1️⃣0️⃣ कठोर,सख्त अर्थात---- वज्र

सजा को कहते है---- दंड

एक तीर्थंकर का चिन्ह--- वज्रदंड

🅰️ वज्र + दंड -- वज्रदंड

 

1️⃣1️⃣ ऊर्जा का एक स्त्रोत्र--- नाभि

राज दरबार मे शीर्ष सिहासन पर विराजित होता है----- राजा

एक तीर्थंकर के पिता----- नाभिराय

🅰️ नाभि + राजा -- नाभिराय

 

1️⃣2️⃣ मूर्ति या प्रतिमा को कहते है---- चैत्य

भवन का पर्यायवाची---- आलय

मन्दिरजी जिसका शिखर नही होता है वह कहलाता है------ चैत्यालय 

🅰️ चैत्य + आलय -- चैत्यालय

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Posted (edited)

1)अतिचार 2)कायोत्सर्ग 3) विमलवाहन 4) जितशत्रु 5) नंदीमित्र 6)नरमुख 7) जंबूस्वामी 😎😎 पुरुषोत्तम 9) पुष्पदंत 10) वज्रदंड 11) नाभिराय 12) चैत्यालय

 

Edited by Pragyajain
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1️⃣ किसी बात की अधिकता को कहते है------ अति
कषाय होती है------ चार
व्रत में दोष लगना कहलाता है----अतिचार
🅰️ 

2️⃣ शरीर का पर्यावाची--- काय
त्याग करना को कहते है---- उत्सर्ग
पूजन,पाठ के अंत मे करते है---कायोत्सर्ग 
🅰️

3️⃣ मल रहित अर्थात----विमल
आवागमन के साधन को कहते है----वाहन
एक कुलकर का नाम----- विमलवाहन
🅰️

4️⃣ हार का विलोम--- जीत
मित्र का विलोम----- शत्रु
एक रूद्र का नाम----- जितशत्रु
🅰️ 

5️⃣ बैल का पर्यायवाची---- नंदी
सखा का पर्यायवाची----- मित्र
एक बलदेव का नाम------ नंदीमित्र
🅰️

6️⃣ नारी का विलोम----नर
मुँह का तत्सम रूप-----मुख
एक नारद का नाम------ नरमुख
🅰️ 

7️⃣ एक द्वीप का नाम--- जम्बू
प्रभु का पर्यायवाची---- स्वामी
एक कामदेव का नाम---- जम्बूस्वामी
🅰️

8️⃣ नर का पर्यायवाची---- पुरुष
श्रेष्ठ का अर्थ है----- उत्तम
एक नारायण का नाम-----पुरुषोत्तम
🅰️ 

9️⃣ उपवन में खिलते है---- पुष्प
दाँत का तत्सम रूप---- दंत
एक आचार्य का नाम----- पुष्पदंत
🅰️

1️⃣0️⃣ कठोर,सख्त अर्थात---- वज्र
सजा को कहते है---- दंड
एक तीर्थंकर का चिन्ह--- वज्रदंड
🅰️

1️⃣1️⃣ ऊर्जा का एक स्त्रोत्र--- भानु
राज दरबार मे शीर्ष सिहासन पर विराजित होता है----- राजा
एक तीर्थंकर के पिता----- भानु राजा
🅰️ 

1️⃣2️⃣ मूर्ति या प्रतिमा को कहते है---- चैत्य
भवन का पर्यायवाची---- आलय
मन्दिरजी जिसका शिखर नही होता है वह कहलाता है------ चैत्यालय
🅰️

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१, अनल्प, चार, अनाचार

२, काया, उत्सर्ग, कायोत्सर्ग

३, विमल, वाहन, विमलवाहन

४, जीत, शत्रु, जीतशत्रु

५, नंदी, मित्र, नंदिमित्र

६, नर, मुख, नरकामुख

७, जम्बूद्वीप, स्वामी, जम्बूस्वामी 

८, पुरूष, उत्तम, पुरुषोत्तम

९, पुष्प, दन्त, पुष्पदन्त

१०, वज्र, दण्ड, वज्रदण्ड

११, भानु, राजा, भानुराजा

१२, चित्र, आलय, चैत्यालय

Edited by अंजलि जैन
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1. Ati, Chaar, Atichaar.         

2. Deh,Visarjan.     Visarjan                     

3. Vimal,Vahan, Vimalvahan.   

4. Jeet,Shatru, Jeetshatru  

5. Nandi,Mitra,Nandimitra. 

6. Nar,mukh,Narmukh. 

7. Jambu,Sawami, Jambusawami. 

8. Purush,Uttam, Purushottam. 

9. Pushp, Dant, Pushpdant. 

10. Vajra,Dand, Vajradand. 

11. Megh,Rath, Meghrath. 

12. Chaitya, Alya, Chaityalya

 

 

 

 

 

 

 

 

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