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अजित कुमार के जैन

तत्वार्थ सूत्र अध्याय 2सूत्र 14

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प्राण   जिनके द्वारा जीव जीता है,उसे प्राण कहते हैं।साधारण तया किसी भी जीव के ४ प्राण होते हैं।

इन्द्रिय बल आयू और श्वासोच्छवास

एक इन्द्रिय  जीव। १इन्द्रिय  ,१काय बल ,आयू और श्वासोच्छवा  कुल ४ प्राण

दो इन्द्रिय   जीव  २इंद्रियां  १काय बल ,१ वचन बल, आयू और श्वासोच्छवा कुल ६ प्राण

 

तीन इन्द्रिय जीव    ३ इन्द्रिय १ कायबल,१ वचन बल ,आयू और श्वासोच्छवास कुल ७प्राण

चार इंद्रिय  जीव     ४इन्द्रिय   १काय बल १ बचन बल ,आयू और श्वासोच्छवा कुल ८ प्राण

असंज्ञी पंचेन्द्रिय  ५इंद्रिय, १ काय बल,१ वचन बल, आयू और श्वासोच्छवास कुल ९ प्राण

संज्ञी पंचेन्द्रिय   ५ इंद्रिय,१ काय बल,१ वचन बल,१ मनोबल,आयू और श्वासोच्छवास कुल १० प्राण

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