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Kapil Jain446

तत्वार्थ सूत्र से समन्धित प्रश्न सूत्र 4

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Supposeआप नाव में सफ़र कर रहें एवं नाव में छेद हो जाए एवं छेद से पानी नाव में प्रवेश करने लगे।इस क्रिया को आस्रव कहते हें।

अब पानी नाव में भर जाए।इस क्रिया को बंध कहते हैं।

अब यदि नाव के छेद को किसी तरह बंद कर दिया जाए तो पानी का प्रवेश रुक जाएगा।इस क्रिया को सँवर कहते हें।

नाव में भरे हुए पानी को किसी तरह बाहर निकाल कर नाव को पानी से ख़ाली कर देना निर्जरा कहलाता है।

उपरोक्त कथन में नाव कीजगह आत्मा और पानी की जगह कर्म को substitute करें तो आप को स्पष्ट समझ में आ जाएगा।

आत्मा में कर्मों के आने को आस्रव,आकर आत्मा से चिपक कर रुक जाने को बंध तथा कर्मों के आने की प्रक्रिया का रोक देना सँवर कहलाता है।आत्मा में चिपके हुए कर्मों को आत्मा से अलग करदेना निर्जरा कहलाता है।

 

Edited by Pramod jain1954

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