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श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, सरवाड़, अजमेर

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अतिशय क्षेत्र सरवाड

नाम एवं पता - श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, सरवाड़

ग्राम / तहसील - सरवाड़, जिला - अजमेर (राजस्थान) पिन - 305 403

टेलीफोन - 01496 - 230083, 230027, 09414554583, 09414555064, 09829504195

क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ

आवास - श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन यात्री निवास,  कमरे (अटैच बाथरूम) -1, कमरे (बिना बाथरूम) - 03 हाल - 3 (यात्री क्षमता - 25+40+20), गेस्ट हाऊस - शासकीय

यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 60

भोजनशाला - नहीं

अन्य - हस्तलिखित लगभग 40 ग्रंथ है।

औषधालय - नहीं

पुस्तकालय - नहीं

विद्यालय - नहीं

एस.टी.डी./पी.सी.ओ.- है।

आवागमन के साधन

रेल्वे स्टेशन - नसीराबाद - (अजमेर) 40 कि.मी.

बस स्टेण्ड - सरवाड़ (अजमेर - कोटा मार्ग)

पहुँचने का सरलतम मार्ग - जयपुर से डिग्गी मालपुरा, केकड़ी सरवाड़, जयपुर से नसीराबाद, सरवाड़

निकटतम प्रमुख नगर - अजमेर - 60 कि.मी., नसीराबाद - 40 कि.मी.

प्रबन्ध व्यवस्था

संस्था - श्री दिगम्बर जैन मंदिरान एवं समाज व्यवस्थापक समिति (पंजी.प्रन्यास)

मु.प्रबंधक अध्यक्ष - श्री सूजानमल भू. जैन, अधिवक्ता (01496 - 230083) (का.)

महामंत्री - श्री भंवरलाल बज केकड़ी (०1467 - 220048) (दु.)

कोषाध्यक्ष - श्री अमितकुमार जैन गोधा (098295 04195)

क्षेत्र का महत्व

क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या - ०३

क्षेत्र पर पहाड़ - नहीं

ऐतिहासिकता - अजमेर से 60 कि.मी. की दूरी पर 1000 वर्ष पूर्व का प्राचीन सरवाड़' नगर आज भी विद्यमान है। यह नगर गौड़ राजाओं के राज्य की राजधानी रहा। चतुर्थकाल की अद्भुत कलात्मक प्रतिमा भगवान श्री आदिनाथ की विराजमान है। संवत् 1 125 का श्री आदीश्वर का देहरा, यह शिलालेख मंदिर के जीर्णोद्धार का है। मुसलमान बादशाह मोहम्मद गौरी के प्रतिनिधि कुतुबुद्दीन ऐबक को नगर में आक्रमण करने पर भगवान के समक्ष नतमस्तक होना पड़ा, क्योंकि मंदिर को क्षति पहुँचाई। वह नगर की ख्याति एवं शांति से अत्यधिक प्रभावित हुआ। इस क्षेत्र की प्रसिद्धि सुनकर ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती के बड़े पुत्र उनकी माँ के साथ यहाँ बस गये। राजाओं के नाम एवं मुगल बादशाहों के नाम भी इतिहास के पन्नों पर उल्लेखित हैं। क्षेत्रपाल, चक्रेश्वरी देवी, पद्मावती माताजी की प्रतिमाएं भी हैं। मुसलमान बादशाह की हाथ जोड़े खड्गासन प्रतिमा यहाँ उपलब्ध है।

विशेष आयोजन की तिथियाँ - अष्टमी एवं चतुर्दशी को भगवान का अभिषेक एवं वार्षिक मेला भगवान आदिनाथ जन्म जयंति

समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र

बधेरा - 34 कि.मी., सावर - 40 कि.मी., डेरा कि.मी., मोराझड़ी - 30 किमी., चांपानेरी -20 कि.मी.

आपका सहयोग :

जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस क्षेत्र के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस क्षेत्र पर गए है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें| 

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