Jump to content
JainSamaj.World

श्री तारण तरण दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र, पुष्पावती, कटनी (मध्यप्रदेश)


Recommended Posts

अतिशय क्षेत्र पुष्पावती बिलहरी मध्यप्रदेश

नाम एवं पता - श्री तारण तरण दिगम्बर जैन तीर्थक्षेत्र, पुष्पावती ग्राम - बिलहरी, तहसील एवं जिला - कटनी (मध्यप्रदेश) पिन-483 501

टेलीफोन - 80854 65117, 094078 82611 Email: taarantranjaintirthpuspawati@gmail.com

 

क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ

आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - 60, कमरे (बिना बाथरूम) - 80  हाल - 10, (यात्री क्षमता - 500) गेस्ट हाऊस - 1

यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 3000.

भोजनशाला - सशुल्क अनुरोध पर

औषधालय  -शासकीय

पुस्तकालय - नहीं

विद्यालय - श्री तारणतरण संस्कार भारती विद्यालय

एस.टी.डी./ पी.सी.ओ.- है।

 

आवागमन के साधन

रेल्वे स्टेशन - कटनी - 16 कि.मी.

बस स्टेण्ड - कटनी - 16 कि.मी.

पहुँचने का सरलतम मार्ग - सड़क मार्ग व्हाया कटनी होकर

निकटतम प्रमुख नगर - कटनी - 16 कि.मी.

 

प्रबन्ध व्यवस्था

संस्था - श्री तारण तरण दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र प्रबन्धकारिणी समिति

अध्यक्ष - श्रीमंत सेठ अशोककुमार जैन, सागर (09826029093)

महामंत्री - श्री रमेशकुमार जैन, बाकल (0762 - 4251006)

प्रबन्धक - श्री सतीशकुमार समैया, जबलपुर (09407882611)

 

क्षेत्र का महत्व

क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या : 04

क्षेत्र पर पहाड़ : नहीं

ऐतिहासिकता : आचार्य तारण तरण मंडलाचार्य की जन्मस्थली है। उनकी जन्मतिथि अगहन सुदी सप्तमी सं. 1505 है। उन्होंने पाँच भागों में 14 ग्रंथों की रचना की थी। उनके रचित ग्रन्थ / शास्त्र यहाँ उपलब्ध हैं। अपने ग्रंथों में आचार्य श्री ने भगवान महावीर की वाणी को ही प्रतिपादित किया है।

वार्षिक मेला- प्रतिवर्ष अगहन सुदी सप्तमी को तीन दिवसीय मेले का आयोजन होता है। समीपवर्तीतीर्थक्षेत्र बहोरीबन्द - 40 कि.मी., मढ़ियाजी - 90 कि.मी., सम्मेदगिरि -50 कि.मी. भेड़ाघाट (जबलपुर) - 100 कि.मी., कुण्डलपुर - 100 कि.मी.

पका सहयोग : जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस क्षेत्र के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस क्षेत्र पर गए है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें|

Link to post
Share on other sites
  • अपना अकाउंट बनाएं

    • कमेंट करने के लिए लोग इन करें 
    • विद्यासागर.गुरु  वेबसाइट पर अकाउंट हैं तो लॉग इन विथ विद्यासागर.गुरु भी कर सकते हैं 
    • फेसबुक से भी लॉग इन किया जा सकता हैं 

     

×
×
  • Create New...