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JainSamaj.World

About This Club

जैन समाज जलगाँव

Category

Regional Samaj

Jain Type

Digambar
Shwetambar

Country

Bharat (India)

State

Maharashtra
  1. What's new in this club
  2. अतिशय क्षेत्र मांडल महाराष्ट्र नाम एवं पता - श्री 1008 चन्द्रप्रभु दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र, मांडल तहसील - अमलनेर, जिला - जलगांव (महाराष्ट्र) पिन - 425 401 टेलीफोन - 09970615269 (मन्दिर के व्यवस्थापक का) क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ आवास - कमरे (अटैच बाथरूम) - X कमरे (बिना बाथरूम) - 3 हाल -1, (यात्री क्षमता - 10०), गेस्ट हाऊस - X यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 100 भोजनशाला - सशुल्क - नियमित औषधालय - पुस्तकालय - विद्यालय नहीं एस.टी.डी./ पी.सी.ओ.- है। आवागमन के साधन रेल्वे स्टेशन - अमलनेर - 20 कि.मी. बस स्टेण्ड - अमलनेर-20 कि.मी., धूलिया-30 कि.मी., शिरपुर-40 कि.मी. पहुँचने का सरलतम मार्ग - धूलिया से व्हाया सोनगिर - मांडल एवं जलगाँव - अमलनेर - मांडल, शिरपुर - नवल नगर व्हाया मांडल होते हुए। निकटतम प्रमुख नगर अमलनेर - 20 कि.मी., धूलिया - 30 कि.मी. प्रबन्ध व्यवस्था संस्था - श्री चन्द्रप्रभु दि. जैन अतिशय क्षेत्र पंच कमेटी, मांडल अध्यक्ष - श्री नानाभाई ढोलूसा जैन (02566 - 228281) ट्रस्टी - श्री अरविन्द गुलाबचन्द जैन, मांडल प्रबन्धक - श्री भरत फूलचन्द जैन (09970615269) क्षेत्र का महत्व क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या : 01 क्षेत्र पर पहाड़ : नहीं ऐतिहासिकता : यहाँ मूलनायक प्रतिमा भगवान चन्द्रप्रभु की है। उनके बायें अजितनाथजी की एवं दायें मुनिसुव्रतनाथजी की प्रतिमाएँ हैं। प्रतिमाएँ 1500 वर्ष प्राचीन, कलापूर्ण व मनमोहक हैं। विशेष जानकारी : यहाँ अतिशय करने वाले पाचोही क्षेत्रपाल (पंचमुखी) विराजमान हैं । प्रत्येक अमावस की रात्रि में मन्दिर में से जोर-जोर से आवाजें आती हैं व दिव्य प्रकाश फैलता है। सभी यात्रियों ने इसकी अनुभूति की है। प्रत्येक अमावस्या को महामस्तकाभिषेक होता है। पौष वदी 11 को वार्षिक यात्रा महोत्सव मनाते हैं। समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - श्री मांगीतुंगीजी - 125 कि.मी., बड़वानी - 155 कि.मी., महुवा - 200 कि.मी., पावागिरि-ऊन - 140 कि.मी., कचनेर -225 कि.मी., पैठण -240 कि.मी. आपका सहयोग : जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस क्षेत्र के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस क्षेत्र पर गए है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें|
  3. अतिशय क्षेत्र धरणगाँव महाराष्ट्र नाम एवं पता - श्री 1008 पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र धरणगाँव भगवान महावीर मार्ग, तहसील-धरणगाँव, जिला जलगांव (महाराष्ट्र)-425105 टेलीफोन - 07588580519, 09823022415, 09325030765 क्षेत्र पर उपलब्ध सुविधाएँ आवास - कमरे - 2, हाल - 2 यात्री ठहराने की कुल क्षमता - 120 भोजनशाला - अनुरोध पर औषधालय - है पुस्तकालय - है (पांडुलिपियां भी) विद्यालय - है एस.टी.डी./ पी.सी.ओ. - नहीं। आवागमन के साधन रेल्वे स्टेशन - भुसावल-सूरत तथा नागपूर-अहमदाबाद लाईन पर स्थित बस स्टेण्ड - जलगाँव से 30 कि.मी. चोपड़ा एवं अमलनेर मार्ग पर स्थित पहुँचने का सरलतम मार्ग - बस सेवा उपलब्ध राष्ट्रीय राजमार्ग एनएच-6 एरडोल से 12 कि.मी. निकटतम प्रमुख नगर - जलगाँव 30 कि.मी., अमलनेर 23 कि.मी. प्रबन्ध व्यवस्था संस्था - श्री आदिनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट धरणगाँव । अध्यक्ष - श्री मधुकर देविदास लाड महामंत्री - श्री नितिन बसंतराव जैन सचिव - श्री संजीव जैन (09325030765) व्यवस्थापक - श्री शैलेन्द्र जैन (09823022415) क्षेत्र का महत्व क्षेत्र पर मन्दिरों की संख्या : - क्षेत्र पर पहाड़ : नहीं। ऐतिहासिकता : यहां अरुणावती (एरंडोल) से 1874 ई. में भोयरे से प्राप्त करीबन 1500 वर्ष प्राचीन भगवान पार्श्वनाथ की बालुका पाषाण की मनोज अतिशययुक्त प्रतिमा विराजमान है। मनोकामना पूर्ण होती है। मंदिर में तीर्थंकर तथा अरिहंतों की छोटी-बड़ी 175 मूर्तियाँ विराजमान हैं। जिनमें भव्य सहस्त्रकूट एवं पंचमेरु भी है। आचार्य 108 श्री आर्यनंदीजी महाराज द्वारा ‘अतिशय क्षेत्र घोषित किया गया। मंदिर में अनेक पुरातन पाण्डुलिपियों का संग्रह सुरक्षित है। मंदिर के निकट पं. मोहनलाल गाँधी का संग्रहालय भी है। वार्षिक मेला : रथोत्सव तथा जल यात्रा वार्षिक महोत्सव, दशलक्षण पर्व उपरान्त भाद्रपद वदीपंचमी समीपवर्ती तीर्थक्षेत्र - श्री चंद्रप्रभ दिगम्बर जैन अतिशय क्षेत्र मांडल, तहसील अमलनेर, जिला जलगाँव आपका सहयोग : जय जिनेन्द्र बन्धुओं, यदि आपके पास इस क्षेत्र के सम्बन्ध में ऊपर दी हुई जानकारी के अतिरिक्त अन्य जानकारी है जैसे गूगल नक्षा एवं फोटो इत्यादि तो कृपया आप उसे नीचे कमेंट बॉक्स में लिखें| यदि आप इस क्षेत्र पर गए है तो अपने अनुभव भी लिखें| ताकि सभी लाभ प्राप्त कर सकें|
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