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धर्म लाभ लेना न भूले 

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☀कल १७ अक्टूबर, दिन बुधवार, अश्विन शुक्ल अष्टमी को मोक्ष कल्याणक पर्व तथा अष्टमी पर्व है।

🌤 *कल अष्टमी व् मोक्षकल्याणक पर्व*🌤
जय जिनेन्द्र बंधुओं,
        कल १७ अक्टूबर, दिन बुधवार, अश्विन शुक्ल अष्टमी की शुभ तिथि को *१० वें तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ शीतलनाथ भगवान* का *मोक्ष कल्याणक पर्व* तथा *अष्टमी पर्व* है।
🙏🏻
कल अत्यंत भक्ति-भाव से देवादिदेव श्री १००८ शीतलनाथ भगवान की पूजन करें तथा अपने भी कल्याण की भावना से भगवान के श्री चरणों में निर्वाण लाडू समर्पित करें। 🙏🏻
प्रतिदिन जिनेन्द्र प्रभु के दर्शन करना अपना मनुष्य जीवन मिलना सार्थक करना है अतः प्रतिदिन देवदर्शन करना चाहिए। जो लोग प्रतिदिन देवदर्शन नहीं कर पाते उनको कम से कम अष्टमी/चतुर्दशी आदि पर्व के दिनों में देवदर्शन अवश्य करना चाहिए। 🙏🏻
जो लोग प्रतिदिन देवदर्शन करते हैं उनको अष्टमी/चतुर्दशी आदि पर्व के दिनों में श्रीजी के अभिषेक व् पूजन आदि के माध्यम से अपने जीवन को धन्य करना चाहिए। 🙏🏻
जमीकंद का उपयोग घोर हिंसा का कारण है अतः इनका सेवन नहीं करना चाहिए। जो लोग इनका उपयोग करते हैं उनको पर्व के इन दोनों में इनका त्याग करके सुख की ओर आगे बढ़ना चाहिए। 🙏🏻
इस दिन रागादि भावों को कम करके ब्रम्हचर्य के साथ रहना चाहिए। ☀
बच्चों को धर्म के संस्कार देना माता-पिता का सबसे बड़ा कर्तव्य है और बच्चों पर माता-पिता का सबसे बड़ा उपकार है। धर्म के संस्कार संतान को वर्तमान में तो विपत्तियों से रक्षा करते ही हैं साथ ही पर भव में भी नरक तिर्यंच गति आदि के दुखों से बचाते हैं। *बच्चों को पाठशाला अवश्य भेजें।*
👏🏻 *श्रमण संस्कृति सेवासंघ, मुम्बई*👏🏻
  *"मातृभाषा अपनाएँ, संस्कृति बचाएँ"*

Abhishek Jain

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भगवान ऋषभदेव मोक्ष कल्याणक पर्व

🌤 *१५ जनवरी को प्रथम तीर्थंकर मोक्षकल्याणक पर्व*🌤 जय जिनेन्द्र बंधुओं,     
       १५ जनवरी, दिन सोमवार, माघ कृष्ण चतुर्दशी की शुभ तिथि को इस अवसर्पणी काल के *प्रथम तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ ऋषभनाथ भगवान* का मोक्ष कल्याणक पर्व आ रहा है-
🙏🏻
१५ जनवरी को सभी अपने-२ नजदीकी जिनालयों में सामूहिक निर्वाण लाडू चढ़ाकर मोक्षकल्याणक पर्व मनाएँ। 🙏🏻
इस पुनीत अवसर धर्म प्रभावना के अनेक कार्यक्रमों का आयोजन करना चाहिए। 🙏🏻
इस पुनीत अवसर मानव सेवा के कार्यक्रमों का भी आयोजन करना चाहिए।
   🙏🏻 *ऋषभनाथ भगवान की जय*🙏🏻
👏🏻 *श्रमण संस्कृति सेवासंघ, मुम्बई*👏🏻
    *"मातृभाषा अपनाएँ,संस्कृति बचाएँ"*

Abhishek Jain

Abhishek Jain

 

☀आज ११ नवंबर दिन शुक्रवार, कार्तिक शुक्ल ग्यारस की शुभ तिथी को १८ वें तीर्थंकर *देवादिदेव श्री १००८ अरहनाथ भगवान* का *ज्ञान कल्याणक* पर्व है।

*?  आज ज्ञान कल्याणक पर्व है  ?*
जय जिनेन्द्र बंधुओं,    
          आज ११ नवंबर दिन शुक्रवार, कार्तिक शुक्ल ग्यारस की शुभ तिथी को १८ वें तीर्थंकर *देवादिदेव श्री १००८ अरहनाथ भगवान* का *ज्ञान कल्याणक* पर्व है। ??
आज अत्यंत भक्तिभाव से अरहनाथ भगवान की पूजन कर भगवान का गर्भ कल्याणक पर्व मनाएँ। ??
जो श्रावक पंचकल्याणक के व्रत करते हैं कल उनके व्रत का दिन है।
*?? आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ ??*

Abhishek Jain

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☀आज ६ नवंबर दिन रविवार, कार्तिक शुक्ल छठवी की शुभ तिथी को २२ वें तीर्थंकर *देवादिदेव श्री १००८ नेमिनाथ भगवान* का *गर्भ कल्याणक* पर्व है

*?    आज गर्भ कल्याणक पर्व है    ?*
जय जिनेन्द्र बंधुओं,    
          आज ६ नवंबर दिन रविवार, कार्तिक शुक्ल छठवी की शुभ तिथी को २२ वें तीर्थंकर *देवादिदेव श्री १००८ नेमिनाथ भगवान* का *गर्भ कल्याणक* पर्व है। ??
आज अत्यंत भक्तिभाव से नेमिनाथ भगवान की पूजन कर भगवान का गर्भ कल्याणक पर्व मनाएँ। ??
जो श्रावक पंचकल्याणक के व्रत करते हैं कल उनके व्रत का दिन है।
*?? आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ ??*

Abhishek Jain

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?आज ९ अगस्त दिन मंगलवार, श्रावण शुक्ल सप्तमी को शुभ तिथी को २३ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ पार्श्वनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व है।

*?     आज मोक्षसप्तमी पर्व है।    ?*
जय जिनेन्द्र बंधुओं,
             आज ९ अगस्त, दिन मंगलवार, श्रावण शुक्ल सप्तमी की शुभ तिथी को २३ वे तीर्थंकर *देवादिदेव श्री १००८ पार्श्वनाथ भगवान* का *मोक्ष कल्याणक* पर्व है
??
इस अवसर पर हम सभी को अपने भी निर्वाण की भावना के साथ भगवान पार्श्वनाथ की पूजन अत्यंत भक्ति भाव से *निर्वाण लाडू* चढ़ाकर करना चाहिए। ?
इस अवसर पर हम सभी को पार्श्वनाथ भगवान के श्री चरणों में यही भावना करना चाहिए कि हे भगवन जिस तरह आपके जीव ने अहिंसा व्रतों को धारण कर विशेष पुरुषार्थ द्वारा वीतराग अवस्था को प्राप्त किया एवं तदनंतर उत्कृष्ट सुख को प्राप्त किया उसी तरह हम भी अहिंसा व्रतों को धारण कर शीघ्र ही अपना कल्याण करें। ??
भगवान के निर्वाण कल्याणक आदि विशेष पर्वों को सभी जगह की जैन समाज को अपने-२ शहर में सामूहिक रूप से विशेष प्रभावना के साथ मनाना चाहिए। ??????????   हम पार्श्व के हैं भक्त निशदिन,
    पार्श्व को ही पूजते।
  आप बिन हे नाथ हमरे,
    पाप् कैसे धूजते।।   यह सत्य है कि दस भवों तक,
   आप समता धारते।
  सर्व विधि को नाथ करके,
   मोक्ष पहुँचे पार है।। ??????????       ??पार्श्वनाथ भगवान की जय??
 ??निर्वाणस्थल  सुवर्णभद्रकूट की जय??
    ??निर्वाण भूमि शिखरजी की जय?? ☀
 पार्श्वनाथ भगवान के मोक्ष कल्याणक के इस विशेष अवसर पर अनेकों श्रावक उपवास रखते हैं। उपवास रखने वाले सभी श्रावक के धर्म-ध्यान के इस पुरुषार्थ की ह्रदय से अनुमोदना।   *??आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ??*

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?कल २७ जुलाई दिन बुधवार को अष्टमी पर्व है।

*?        कल अष्टमी पर्व है           ?*
जय जिनेन्द्र बंधुओ,
              कल  २७ जुलाई, दिन बुधवार को अष्टमी पर्व है।
??
कल जिनमंदिर जाकर देवदर्शन करें। ??
जो श्रावक प्रतिदिन देवदर्शन करते है उनको अष्टमी/चतुर्दशी के दिन भगवान का अभिषेक और पूजन करना चाहिए। ??
इस दिन रात्रि भोजन व् आलू-प्याज आदि जमीकंद का त्याग करना चाहिए। ??
जो श्रावक अष्टमी/चतुर्दशी का व्रत करते है कल उनके व्रत का दिन है। ??
इस दिन राग आदि भावो को कम करके ब्रम्हचर्य के साथ रहना चाहिए।

इस दिन धर्म करने से विशेषरूप से अशुभ कर्मो का नाश होता है। ☀
अपकी संतान को लौकिक शिक्षा के समान ही धर्म की शिक्षा जरुरी है।अपने बच्चों को पाठशाला भेजें।क्योकि धार्मिक शिक्षा वर्तमान में उनको तनाव मुक्त जीवन व् शांति प्रदान करेगी ही साथ ही भविष्य में नरक,तिर्यन्च आदि अधोगतियों से बचायगी।
? *तिथी* - श्रावक कृष्ण अष्टमी।
*?? आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ ??*
   *"मातृ भाषा अपनाएँ, संस्कृती बचाएँ"* ☀
इस तरह की सूचनाओं को आप भी अन्य श्रावकों को प्रेषित कर पुण्य के भागीदारी बन सकते हैं।

Abhishek Jain

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आज १६ मई, दिन सोमवार, वैशाख शुक्ल दशमी की शुभ तिथी की शुभ तिथी को २४ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ महावीर भगवान का ज्ञानकल्याणक पर्व है।

आज १६ मई, दिन सोमवार, वैशाख शुक्ल दशमी की शुभ तिथी की शुभ तिथी को २४ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ महावीर भगवान का ज्ञानकल्याणक पर्व है।

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? कल १४ मई, दिन शनिवार को अष्टमी पर्व है।

?          कल अष्टमी पर्व              ?
जय जिनेन्द्र बंधुओ,
              कल १४ मई, दिन शनिवार को अष्टमी पर्व है।
??
कल जिनमंदिर जाकर देवदर्शन करें। ??
जो श्रावक प्रतिदिन देवदर्शन करते है उनको अष्टमी/चतुर्दशी के दिन भगवान का अभिषेक और पूजन करना चाहिए। ??
इस दिन रात्रि भोजन व् आलू-प्याज आदि जमीकंद का त्याग करना चाहिए। ??
जो श्रावक अष्टमी/चतुर्दशी का व्रत करते है कल उनके व्रत का दिन है। ??
इस दिन राग आदि भावो को कम करके ब्रम्हचर्य के साथ रहना चाहिए।

इस दिन धर्म करने से विशेषरूप से अशुभ कर्मो का नाश होता है। ☀
अपकी संतान को लौकिक शिक्षा के समान ही धर्म की शिक्षा जरुरी है।अपने बच्चों को पाठशाला भेजें।क्योकि धार्मिक शिक्षा वर्तमान में उनको तनाव मुक्त जीवन व् शांति प्रदान करेगी ही साथ ही भविष्य में नरक,तिर्यन्च आदि अधोगतियों से बचायगी।
?तिथी - वैशाख शुक्ल अष्टमी।
?? आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ ?? ☀
इस तरह की सूचनाओं को आप भी अन्य श्रावकों को प्रेषित कर पुण्य के भागीदारी बन सकते हैं।

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आज ९ मई, वैशाख शुक्ल तृतीया को "दान तीर्थ प्रवर्तन" पर्व अक्षय तृतीया है।

?    कल अक्षय तृतीया पर्व है      ?
जय जिनेन्द्र बंधुओ,
           कल ९ मई, वैशाख शुक्ल तृतीया को "दान तीर्थ प्रवर्तन" पर्व अक्षय तृतीया है। आज की तिथी को राजा श्रेयांस ने प्रथम तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ ऋषभनाथ भगवान को मुनि अवस्था में आहार दान देकर, हम सभी श्रावकों के अतिशय पुण्योपार्जन का कारण आहार दान की विधी का सभी को ज्ञान कराया था।         हम श्रावक मुनिराज को आहार दान देकर गृहस्थ कार्यों में लगे दोषों की निर्वृत्ति करते हैं।       इस विशेष अवसर पर मुनि महराज को आहार दान देना चाहिए तथा उनकी वैयावृत्ति करना चाहिए।

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?कल ७ मई, दिन शनिवार, वैशाख शुक्ल एकम् की शुभ तिथी को १७ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ कुन्थुनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व है

?   कल मोक्ष कल्याणक पर्व    ?
जय जिनेन्द्र बंधुओं,
             कल ७ मई, दिन शनिवार, वैशाख शुक्ल एकम् की शुभ तिथी को १७ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ कुन्थुनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व है
??
कल अत्यंत भक्ति भाव से कुन्थुनाथ भगवान की पूजन करना चाहिए तथा निर्वाण लाडू आदि चढ़ाकर मोक्ष कल्याणक पर्व मनाना चाहिए। निर्वाण महोत्सव के इस विशेष अवसर पर अपने भी निर्वाण की भावना करना चाहिए। ?
इस अवसर पर हम सभी को कुन्थुनाथ भगवान के श्री चरणों में यही भावना करना चाहिए कि हे भगवन जिस तरह आपके जीव ने अहिंसा व्रतों को धारण कर विशेष पुरुषार्थ द्वारा वीतराग अवस्था को प्राप्त किया एवं तदनंतर उत्कृष्ट सुख को प्राप्त किया उसी तरह हम भी अहिंसा व्रतों को धारण कर शीघ्र ही अपना कल्याण करें। ??
भगवान के निर्वाण कल्याणक आदि विशेष पर्वों को सभी जगह की जैन समाज को अपने-२ शहर में सामूहिक रूप से विशेष प्रभावना के साथ मनाना चाहिए।
    ??कुन्थुनाथ भगवान की जय??
 ??निर्वाण स्थल  ज्ञानधरकूट की जय??
    ??निर्वाण भूमि शिखरजी की जय??
        ?तिथी - वैशाख शुक्ल १?
   ?? आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ ??

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मुनिश्री नियमसागरजी महाराज जी एवं मुनिश्री योगसागर जी महाराज जी का दीक्षा दिवस

?दीक्षा दिवस ?
दिनांक ०६ मई १६
दिन शुक्रवार आज से ३६ वर्ष पूर्व 
वैशाख कृष्ण अमावस्या दि. १५ एप्रिल १९८० को "आज के ही दिन"
परम पूज्य आचार्य गुरूवर श्री विद्यासागर जी महाराज के कर कमलों से आज के ही दिन म.प्र. प्रान्त के बुन्देलखंड की धरा- सागर नगर में मुनिश्री नियमसागरजी महाराज जी एवं मुनिश्री योगसागर जी महाराज जी की मुनि दीक्षा संपन्न हुयी थी।            
मुनि द्वय के३६ वे दीक्षा दिवस पर हम सभी मुनि द्वय के चरणों में बारंबार नमोस्तु करते हैं??????।
नोट- मुनिश्री नियम सागर जी महाराज पुणे नगर (चिंचवड) में विराजमान हैं ।
मुनि श्री योग सागर जी महाराज कुंडलपुर में विराजमान हैं ।    

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?कल ५ मई, दिन गुरुवार, वैशाख कृष्ण चतुर्दशी की शुभ तिथी को २१ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ नमिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व तथा १५ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ धर्मनाथ भगवान का गर्भ कल्याणक तथा चतुर्दशी पर्व है।

? कल गर्भ,मोक्ष व चतुर्दशी पर्व है?
जय जिनेन्द्र बंधुओं,
             कल ५ मई, दिन गुरुवार, वैशाख कृष्ण चतुर्दशी की शुभ तिथी को २१ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ नमिनाथ भगवान का मोक्ष कल्याणक पर्व तथा १५ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ धर्मनाथ भगवान का गर्भ कल्याणक तथा चतुर्दशी पर्व है।
??
कल अत्यंत भक्ति भाव से नमिनाथ भगवान की पूजन करना चाहिए तथा निर्वाण लाडू आदि चढ़ाकर जन्म, ज्ञान व मोक्ष कल्याणक पर्व मनाना चाहिए। निर्वाण महोत्सव के इस विशेष अवसर पर अपने भी निर्वाण की भावना करना चाहिए। ?
इस अवसर पर हम सभी को नमिनाथ भगवान के श्री चरणों में यही भावना करना चाहिए कि हे भगवन जिस तरह आपके जीव ने अहिंसा व्रतों को धारण कर विशेष पुरुषार्थ द्वारा वीतराग अवस्था को प्राप्त किया एवं तदनंतर उत्कृष्ट सुख को प्राप्त किया उसी तरह हम भी अहिंसा व्रतों को धारण कर शीघ्र ही अपना कल्याण करें। ??
भगवान के निर्वाण कल्याणक आदि विशेष पर्वों को सभी जगह की जैन समाज को अपने-२ शहर में सामूहिक रूप से विशेष प्रभावना के साथ मनाना चाहिए। ?????????? नाथ नमि को माथ नमि के,
मैं करूँ नित वंदना।
वंदना का फल मिले वस,
होय अब तो बंध ना।। चिन्ह इनका कमल है ये,
कमल सम ही मनहरा।
आपके दर्शन किये तो,
काम मेरा सब सरा।। ??????????
      ??नमिनाथ भगवान की जय??
 ??निर्वाण स्थल  मित्रधरकूट की जय??
    ??निर्वाण भूमि शिखरजी की जय??
    ?तिथी - वैशाख कृष्ण १३/१४?
   ?? आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ ??

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?कल २ मई, दिन सोमवार, वैशाख कृष्ण दशमी की शुभ तिथी को २० वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ मुनिसुव्रतनाथ भगवान का जन्म व तप कल्याणक पर्व है।

? कल जन्म व तप कल्याणक पर्व है ?
जय जिनेन्द्र बंधुओं,
            कल २ मई, दिन सोमवार, वैशाख कृष्ण दशमी की शुभ तिथी को २० वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ मुनिसुव्रतनाथ भगवान का जन्म व तप कल्याणक पर्व है।
??
कल मुनिसुव्रतनाथ भगवान की पूजन अत्यंत भक्ति करके भगवान का जन्म व तप कल्याणक पर्व मनाएँ। ??
जो श्रावक पंच कल्याणक के व्रत करते हैं कल उनका व्रत का दिन है।
?तिथी - वैशाख कृष्ण दशमी।
?? आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ ??

Abhishek Jain

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कल १ मई, दिन रविवार, वैशाख कृष्ण नवमी की शुभ तिथी को २० वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ मुनिसुव्रतनाथ भगवान का ज्ञान कल्याणक पर्व है।

?     कल ज्ञान कल्याणक पर्व है      ?
जय जिनेन्द्र बंधुओं,
            कल १ मई, दिन रविवार, वैशाख कृष्ण नवमी की शुभ तिथी को २० वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ मुनिसुव्रतनाथ भगवान का ज्ञान कल्याणक पर्व है।
??
कल मुनिसुव्रतनाथ भगवान की पूजन अत्यंत भक्ति करके भगवान का ज्ञान कल्याणक पर्व मनाएँ। ??
जो श्रावक पंच कल्याणक के व्रत करते हैं कल उनका व्रत का दिन है।
?तिथी - वैशाख कृष्ण नवमी।
?? आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ ??

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कल ३० अप्रैल, दिन शनिवार को अष्टमी पर्व है।

?          कल अष्टमी पर्व              ?
जय जिनेन्द्र बंधुओ,
              कल ३० अप्रैल, दिन शनिवार को अष्टमी पर्व है।
??
कल जिनमंदिर जाकर देवदर्शन करें। ??
जो श्रावक प्रतिदिन देवदर्शन करते है उनको अष्टमी/चतुर्दशी के दिन भगवान का अभिषेक और पूजन करना चाहिए। ??
इस दिन रात्रि भोजन व् आलू-प्याज आदि जमीकंद का त्याग करना चाहिए। ??
जो श्रावक अष्टमी/चतुर्दशी का व्रत करते है कल उनके व्रत का दिन है। ??
इस दिन राग आदि भावो को कम करके ब्रम्हचर्य के साथ रहना चाहिए।

इस दिन धर्म करने से विशेषरूप से अशुभ कर्मो का नाश होता है। ☀
अपकी संतान को लौकिक शिक्षा के समान ही धर्म की शिक्षा जरुरी है।अपने बच्चों को पाठशाला भेजें।क्योकि धार्मिक शिक्षा वर्तमान में उनको तनाव मुक्त जीवन व् शांति प्रदान करेगी ही साथ ही भविष्य में नरक,तिर्यन्च आदि अधोगतियों से बचायगी।
?तिथी - वैशाख कृष्ण अष्टमी।
?? आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ ?? ☀
इस तरह की सूचनाओं को आप भी अन्य श्रावकों को प्रेषित कर पुण्य के भागीदारी बन सकते हैं।

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२४ अप्रैल २०१६ दिन रविवार, वैशाख कृष्ण द्वितीया की शुभ तिथी को २३ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ पार्श्वनाथ भगवान का गर्भ कल्याणक पर्व है।

२४ अप्रैल २०१६ दिन रविवार, वैशाख कृष्ण द्वितीया की शुभ तिथी को २३ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ पार्श्वनाथ भगवान का गर्भ कल्याणक पर्व है।

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२१ अप्रैल, दिन गुरुवार, चैत्र शुक्ल पूर्णिमा की शुभ तिथी को ६ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ पद्मप्रभ भगवान का ज्ञान कल्याणक पर्व है।

?     कल ज्ञान कल्याणक पर्व है      ?
जय जिनेन्द्र बंधुओं,
            कल २१ अप्रैल, दिन गुरुवार, चैत्र शुक्ल पूर्णिमा की शुभ तिथी को ६ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ पद्मप्रभ भगवान का ज्ञान कल्याणक पर्व है।
??
कल पद्मप्रभ भगवान की पूजन अत्यंत भक्ति करके भगवान का ज्ञान कल्याणक पर्व मनाएँ। ??
जो श्रावक पंच कल्याणक के व्रत करते हैं कल उनका व्रत का दिन है।
?तिथी - चैत्र शुक्ल पूर्णिमा।
?? आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ ??

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कल २० अप्रैल, दिन बुधवार को चतुर्दशी पर्व है।

?          कल चतुर्दशी पर्व           ?
जय जिनेन्द्र बंधुओ,
              कल २० अप्रैल, दिन बुधवार को चतुर्दशी पर्व है।
??
कल जिनमंदिर जाकर देवदर्शन करें। ??
जो श्रावक प्रतिदिन देवदर्शन करते है उनको अष्टमी/चतुर्दशी के दिन भगवान का अभिषेक और पूजन करना चाहिए। ??
इस दिन रात्रि भोजन व् आलू-प्याज आदि जमीकंद का त्याग करना चाहिए। ??
जो श्रावक अष्टमी/चतुर्दशी का व्रत करते है कल उनके व्रत का दिन है। ??
इस दिन राग आदि भावो को कम करके ब्रम्हचर्य के साथ रहना चाहिए।

इस दिन धर्म करने से विशेषरूप से अशुभ कर्मो का नाश होता है। ☀
अपकी संतान को लौकिक शिक्षा के समान ही धर्म की शिक्षा जरुरी है।अपने बच्चों को पाठशाला भेजें।क्योकि धार्मिक शिक्षा वर्तमान में उनको तनाव मुक्त जीवन व् शांति प्रदान करेगी ही साथ ही भविष्य में नरक,तिर्यन्च आदि अधोगतियों से बचायगी।
?तिथी - चैत्र शुक्ल चतुर्दशी।
?? आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ ??

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कल २४ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ महावीर भगवान का जन्म कल्याणक पर्व है।

जय जिनेन्द्र बंधुओं,
            कल २४ वे तीर्थंकर देवादिदेव श्री १००८ महावीर भगवान का जन्म कल्याणक पर्व है। ??
कल अपने नजदीकी जिनालय में जाकर धर्म प्रभावना की गतिविधयों में अवश्य ही सम्मलित हों। ??
हम सभी को परस्पर एक दूसरे को वीर प्रभु के जन्म-कल्याणक पर्व की बधाइयाँ और शुभकामनाएं प्रेषित करना चाहिए, क्योंकि वास्तव में यह अवसर ही परस्पर बधाई देने का अवसर है।
?? आचार्यश्री विद्यासागर सेवासंघ ??⁠⁠

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