Jump to content

Blogs

Featured Entries

Aaj ka niyam (8 nov. 2019)

Aaj ka niyam (8 nov. 2019)

आज केक और चॉकलेट्स  खाने का त्याग है ।  🙏🙏जय जिनेन्द्र🙏🙏 जो भी चाहे कमेंट में " नियम है " ऐसा लिख सकते है । आपका दिन मंगलमय हो

Nikhil jain(gullu)

Nikhil jain(gullu)

 

आज का नियम

आज Mc'donald, Pizza hut , dominos , kFc  आदि मांसाहारी restaurants में खाने का त्याग ।  नियम लेना चाहते है तो कॉमेंट में #नियम_accepted लिखे।  🙏.  जय जिनेन्द्र! 🙏

Nikhil jain(gullu)

Nikhil jain(gullu)

 

आज का नियम

आज भोजन में ऊपर से नमक नहीं डालना ।  अगर आप नियम लेना चाहते है तो कॉमेंट में #नियम_accepted  लिखे ।  🙏जय जिनेंद्र!🙏

Nikhil jain(gullu)

Nikhil jain(gullu)

 

आज का नियम

आज मोबाइल और कंप्यूटर में गेम्स खेलने का त्याग है ।   जो भी नियम लेना चाहते है वह कृपया #नियम_accepted जरूर लिखे ताकि ये जान सके की कितने लोगो ने नियम लिया ।

Nikhil jain(gullu)

Nikhil jain(gullu)

 

आज का नियम

आज किसी भी प्रकार की नमकीन नहीं खाना ।  जो भी नियम लेना चाहते है वह कृपया #नियम_accepted जरूर लिखे ताकि ये जान सके की कितने लोगो ने नियम लिया ।

Nikhil jain(gullu)

Nikhil jain(gullu)

 

पटाखे फोड़ने से पाप कर्मों का बंध

*💥पटाखे फोड़ने से पहले सावधान ,,ये जरुर पढीए💥* दोस्तों सावधान.... 👀 ✋🏿 🤔🤔 पटाखे फोड़ने से आठ कर्मों का बन्धन होता है ..!  *1⃣ज्ञानावरण कर्म-* जीवों के ज्ञानेन्द्रियाँ का छेदन भेदन करके उनके ज्ञान में अन्तराय डालने से 💥🕷🐜🐕🐈🐿🕊 *2⃣दर्शनावरण कर्म-* जीवो की हिंसा से उनके मति, श्रुत, अवधि दर्शन में और जीवों के चक्षु आदि अंगोपांग छेद भेद कर उनके चक्षु और अचक्षु दर्शन में अन्तराय डालने से 🕷🐜💥👀🌿☘ *3⃣वेदनीय कर्म-* जीवो को दुःख, शोक, ताप, वध, वेदना होने से !  💥🕷🐞🐜🐰🐶🙊🐤
 

बिखरे  चावल

जैन मंदिरों में दर्शन, पूजन में भगवान के समक्ष अर्घ्य स्वरूप अक्षत (चावल) पुंज चढ़ाने की परंपरा है। ये अक्षत भगवान की तरह अक्षय मोक्ष पद प्राप्त करने की भावना से अर्पित किए जाते हैं पर विडंबना यह है कि श्रद्धा भक्ति से अर्पित किए गए यह अक्षत सभी जैन मंदिरों में फर्श पर लगभग चारों तरफ यत्र-तत्र बिखरे पड़े रहते हैं और दर्शनार्थियों के पैरों से रौंदे जाते दिखाई पड़ते हैं। परम पूज्य आचार्य गुरुवर श्री विद्यासागर जी महाराज प्रायः अपने प्रवचन में इन बिखरे हुए चावलों पर पैर रखकर दर्शन, पूजन ना करने की
 

क्या माता पिता द्वारा छोटे बच्चों को दिगंबर मुनि की चर्या और अभिनय करवाना उचित है ?

*🤔 क्या माता पिता द्वारा छोटे बच्चों को दिगंबर मुनि मुद्रा धारण कराकर, उनको पिच्छी कमंडल देकर, आहार आदि चर्या कराना उचित है ❓* *➡आज व्हाट्सएप पर निम्नलिखित msg और उसके साथ कुछ वीडियो एवं फ़ोटो वायरल हुई* 👇🏽👇🏽👇🏽 Sector 11 उदयपुर में एक आचार्य महाराज जी के संघ मे 3 years का बच्चा महाराज जी के पास aata है रोज मुनि मुद्रा मे आचार्य श्री के साथ साथ रहता है उनको नहीं छोड़ता... मुनि धर्म की कॉपी करता है कमंडल पिचि सब रखता hai.. आहार चर्या मे उतरता hai.. जय हों jain धर्म के पूर्व संस्कार ..
 

दसलक्षण पर्व को दसलक्षण पर्व ही बोलें

दसलक्षण पर्व को दसलक्षण पर्व ही बोलें* आज मैं आप सभी का ध्यान एक बात की ओर आकर्षित करना चाहता हूं।        हम सब लोग हमारे *दसलक्षण पर्व* को *पर्युषण* बोलते हैं, और *पर्यूषण* के नाम से ही जानते हैं। इतना ही नहीं हमारे *दिगंबर जैन समाज के अधिकांश लोग इसे पर्यूषण ही कहते हैं,* जबकि वास्तविकता यह है कि *पर्यूषण श्वेतांबर परम्परा में कहा जाता है, जो 8 दिन के होते हैं। जबकि दिगम्बर परम्परा में दसलक्षण पर्व 10 दिन के होते हैं।* और खास बात यह होती है, कि *जिस दिन हमारे दसलक्षण पर्व प्रारम्भ होते
 

दिमाग लगाओ 🙇‍♀ तीर्थस्थान के नाम बताओ*🙏👍🙏👍

*दिमाग लगाओ 🙇‍♀ तीर्थस्थान के नाम बताओ*🙏👍🙏👍  🔓1)🌙🌕 🔑1)  🔓2) ✋⛰ 🔑2)  🔓3) 💎🌕 🔑3)  🔓4) 🦁⛰ 🔑4)  🔓5) 🐘❌पुर 🔑5)  🔓6) 👣⛰ 🔑6) 🔓7) 🍞🌕 🔑7)  🔓8) 👂🔔⭕ 🔑8)  🔓9) 8⃣👣 🔑9) 🔓10) 🍞⛰ 🔑10)  🔓11) 👏🏼 ⛳🗻 🔑11)  🔓12)🌙🚶🏽 🔑12)  🔓13) 🌺😬⛰ 🔑13)  🔓14) 👀⛰ 🔑14)  🔓15) 🍌sh⛰ 🔑15) 🔓16)Taa🎨 🔑16)  🔓17) o 🌊 यां 🔑17) 🔓18) 🐚🙏 🔑18)  🔓19) 👑🏠 🔑19)  🔓20) 🐍🙏 🔑20)  🔓21) 🥇⛰ 🔑21)  🔓22) 💪सा❌ 🔑22) 🔓23)🤵🏻👂🏼aa 🔑23)  🔓24) 🎼⛰ 🔑24)

Vidyasagar.Guru

Vidyasagar.Guru

×
×
  • Create New...